युग संस्कृति न्यास ने फिर भेजी बिहार बाढ़ पीड़ितों के लिए दो ट्रक राहत सामग्री संस्था अबतक भेज चुकी है ग्यारह ट्रक जरूरी सामान नई दिल्ली - ( विशेष संवाददाता)'युग संस्कृति न्यास' के नोएडा सेक्टर आठ से आज फिर बिहार में आई भीषण बाढ़ से बेघर हुए लोगों के लिए दो ट्रक राहत सामग्री भेजी गई। जो बिहार स्थित संस्था के चार प्रमुख केंद्रों मोतिहारी, दरभंगा, पूर्णिया एवं मुजफ्फरपुर पहुंचेगी। यह राहत सामग्री यहां से सभी बाढ़ प्रभावित जिलों तक पहुंचाई जाएगी। इन ट्रकों को युग संस्कृति न्यास के संचालक आचार्य धर्मवीर, सेवा निवृत जस्टिस जे पी सिंह एवं वित्त मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारी संजय कुमार ने हरी ­ांडी दिखाकर रवाना किया। युग संस्कृति न्यास द्वारा भेजे गए राहत सामग्री में चिउड़ा-पोहा, गुड़, भुना हुआ चना, बिस्किट, मोमबत्ती, माचिस, ओआरएस, मॉर्टिन, पानी साफ करने वाला टैबलेट, सैनिटरी नैपकिन, मास्क, साबुन, मच्छरदानी, चप्पल, कपड़े और टॉर्च आदि सामग्री शामिल है। इस दौरान युग संस्कृति न्यास के संस्थापक आचार्य धर्मवीर ने कहा कि बिहार में आई भीषण बाढ़ की वजह से लाखों लोग बेघर होकर सड़क के किनारे और अन्य जगहों पर रहने के लिए मजबूर हैं। ये लोग खाने पीने से लेकर अन्य प्रकार की समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में बिहार स्तर पर प्रकाश चन्द्रा के नेतृत्व में ढाई सौ से अधिक संस्था के स्वयंसेवक लोगों को मदद पहुंचाने में लगे हुए हैं। श्री आचार्य खुद बाढ़ प्रभावित लगभग सभी जिलों के जिलाधिकारियों एवं एस पी से सम्पर्क में हैं और इस राहत कार्य में उनका भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक एल सी त्रिवेदी का भी महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है। जो सोनपूर और समस्तिपुर डिविजन में हमारे राहत अभियान को आगे बढ़ाने में सहभागी बने हुए हैं। युग संस्कृति न्यास के समाजसेवी पहले से ही बिहार के मोतिहारी, दरभंगा, पूर्णिया, और मुजफ्फरपुर केंद्रों से बाढ़ प्रभावित सभी जिलों में युद्ध स्तर पर राहत कार्य में लगे हुए हैं। और लोगों को खाना खिलाने समेत अन्य मदद पहुंचा रहे हैं। श्री आचार्य ने बताया कि अब तक युग संस्कृति न्यास की ओर से 11 ट्रक राहत सामग्री भेजी जा चुकी है। और इस कार्य को आगे बढ़ाते हुए अगले दस दिन के अंदर और 10 से 12 ट्रक बिहार भेजने की योजना है। साथ ही हमने बिहार में बाढ़ खत्म होने के बाद लोगों के पुनर्वास में मदद करने की भी योजना बनाई है। आचार्य धर्मवीर ने बताया कि समाजसेवी संगठन आईना की संचालिका अवनी गुप्ता, जनमन के संचालक शौर्या रॉय व योगेश गुप्ता आदि लोगों का सहयोग हमारे कार्यों को आगे बढ़ाने में विशेष मदद कर रहा है। जस्टिस जे पी सिंह ने युग संस्कृति न्यास के कार्यों की तारीफ करते हुए कहा कि संस्था के संचालक आचार्य धर्मवीर ने कोरोना की वजह से हुए लॉकडाउन के दौरान अद्वितीय मानवीय कार्य किया हीं, अब बिहार और असम में आई भीषण बाढ से प्रभावित लोगों के लिए जो काम कर रहे हैं वह भी बहुत हीं सराहनीय है। उन्होंने कहा कि मानव सेवा में ऐसे लोगों और संस्थाओं की बहुत आवश्यकता है और जो लोग भी जहां से भी इस कार्य में लगे हैं उनका स्वागत और सराहना की जानी चाहिए। श्री सिंह ने कहा कि युग संस्कृति न्यास बाढ पीड़ितों के लिए न सिर्फ खाना की व्यवस्था कर रही है बल्कि उनकी अन्य जरूरतों का भी पुरी तरह ख्याल रखते हुए जरूरी सामान भेज रही है। उन्होंने बताया कि संस्था के समाजसेवी यह सुनिश्चित करते हुए काम कर रहे हैं कि जो भी सामग्री उनके पास पहुंच रही है वह निश्चित रूप से जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे। त्रिपाल, टॉर्च, चप्पल, सैनिटरी नैपकीन आदि ऐसे सामान हैं जो बाढ से प्रभावित लोगों के लम्बे समय तक काम आएगा। ्वित्त मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारी संजय कुमार ने कहा कि बिहार में बाढ की वजह से जो हालात हैं उसे देखते हुए सक्षम लोगों और अन्य समाजसेवी संस्थाओं का कर्तव्य बनता है कि वे लोगों की सहयोग के लिए आगे आएं। युग संस्कृति न्यास समाजसेवा के इन कार्यों में हमेशा आगे रही है। उन्होंने बताया कि संस्था के संस्थापक आचार्य धर्मवीर ने बाढ पीड़ितों की मदद के लिए सुनियोजित टीम बनाई है जिसमें एनडीआरएफ के पूर्व डीजी संजय कुमार समेत डॉक्टर सिद्धार्थ विश्वास, कई प्रशासनिक अधिकारी, समाजसेवी और अन्य अनुभवी लोग हैं। जिनके सहयोग से पीड़ित लोगों की जरूरतों का आकलन करने और उनके पास तक मदद पहुंचाने में आसानी हो रही है। श्री कुमार ने बताया कि संस्था के समाजसेवी न सिर्फ लोगों के खाने-पीने समेत अन्य जरूरत के सामान उन तक पहुंचा रहे हैं बल्कि लोगों के बाढ़ में फंसे होने की सूचना मिलने पर उनका रेस्क्यू भी कर रहे हैं। लोगों तक मदद पहुंचाने एवं रेस्क्यू के लिए संस्था ने 50 से भी अधिक वोट और लाईफ जैकेट की भी व्यवस्था की है। जो एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के टिमों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

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