नई दिल्ली/ (संवाददाता) गत सात फरवरी को रात दो बजे के करीब संजय कॉलोनी स्थित झुग्गियों में अचानक चारो तरफ से आग लगने की वजह से यहाँ पर रहने वाले गरीब मजदूर परिवारों में कोहराम मच गया, आग से चारो तरफ से घिर जाने के कारण जैसे तैसे यहाँ के निवासियों ने आपसी तालमेल से एक दूसरे की जान तो बचा लिए, लेकिन घरों में रखे हुए सभी सामान को आग से नहीं बचा सके, आलम यह है कि अब इसमें रहने वाले लगभग 300 लोगों के भविष्य को शून्य कर दिया है। झुग्गियां पूरी तरह से जल कर खाक हो चुकी हैं। जिसके चलते अब ये बेघर हो चुके हैं। इनमें से बहुत से लोग सड़क के किनारे लगी झुग्गियों में ही छोटी-मोटी दुकाने खोलकर अपनी रोजीरोटी चलाते थे वह भी आग ने लील लिया। अब इनके सामने न रहने को छत है न खाने को खाना, ऊपर से रोजीरोटी चलाने का जरिया भी चला गया है। तत्कालीन राहत देते हुए दिल्ली सरकार ने इनके लिए टेंट लगवाया है तो युग संस्कृति न्यास जैसी गैर सरकारी संगठनों ने खाना खिलाना शुरू किया है। सब कुछ जलकर खाक हो जाने के बाद भी कोई भूखा न रहे यह सुनिश्चित करते हुए युग संस्कृति न्यास के स्वयंसेवक इन्हें प्रतिदिन दोनों समय खाना खिला रहे हैं। साथ हीं न्यास की ओर से अपनी पूरी टीम को लगा रखा है, इसके साथ साथ न्यास द्वारा इनके पुनर्वास की भी योजना बनाई जा रही है। अपना सब कुछ गवां चुके पीड़ित अब अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। इनका कहना है गैर सरकारी संगठन और सरकारी टेंट में हमारा गुजारा कब तक होगा,सरकार को इनके पुनर्वास को लेकर ठोश कदम उठाने की जरूरत है।

Posted By: विशेष संवाददाता