सावित्री बाई और सरोजिनी नायडू को टीम आरजेएस ने आईटीपीओ आहार मेला के फ़ूड कोर्ट में श्रद्धांजलि दी आईटीपीओ आहार मेला के फूड कोर्ट में शाकाहारी भारतीय व्यंजनों की ओर दर्शकों का रूझान. नई दिल्ली। संवाददाता,अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च के उपलक्ष्य में दिल्ली में आयोजित आईटीपीओ 35वां आहार मेला के फूड कोर्ट में भारत की प्रथम महिला शिक्षिका, समाज सुधारिका एवं मराठी कवयित्री सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि 10 मार्च और भारत कोकिला स्वतंत्रता सेनानी सरोजिनी नायडू की पुण्यतिथि 2 मार्च के उपलक्ष्य में श्रद्धांजलि दी गई। 3 से 7 मार्च 2020 तक आयोजित अंतर्राष्ट्रीय आहार मेला प्रगति मैदान नई दिल्ली के हाॅल 11,12 के पास बने फ़ूड कोर्ट में‌ राम-जानकी संस्थान ,आरजेएस एवं टीजेएपीएस केबीएसके ने 134 वीं सकारात्मक बैठक का आयोजन किया। बैठक के आयोजक अरुण खन्ना एमडी, दारा हाॅस्पिटलिटी ने मुख्य अतिथि आईटीपीओ पीआर के चीफ मैनेजर ,संजय वशिष्ठ, आरजेएस राष्ट्रीय संयोजक उदय कुमार मन्ना और टीम आरजेएस पाॅजिटिव मीडिया का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यहां भारतीय व्यंजनों को प्राथमिकता ‌के आधार पर प्रर्दशित किया गया है जो मेला दर्शकों को आकर्षित कर रहे है। हाॅल नं 11,12 के फूड कोर्ट में भारतीय शाकाहारी व्यंजनों को काफी पसंद किया जा रहा है। इनमें इंडियन शाकाहारी कुजिन, नाॅर्थ इंडियन कुजीन,साउथ इंडियन कुजीन ,हैदराबादी‌ बिरयानी और दिल्ली दरबार आदि व्यंजन उन्हें पसंद आ रहे हैं। बैठक के मुख्य अतिथि संजय वशिष्ठ ने कहा कि आहार मेला में महिला नवउद्यमिता‌ को भी बढ़ावा ‌दिया जा रहा है। उन्होंने आरजेएस पाॅजिटिव मीडिया के महिला पत्रकारों को विशेष तौर पर आहार मेला में आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि आहार मेला ऐसे समय में आयोजित किया गया है जब देश ट्रांसफार्मेशन के दौर से गुजर रहा है। प्रगति मैदान अंतर्राष्ट्रीय स्टेट आॅफ द आर्ट प्रदर्शनी की ओर कदम बढ़ा चुका है। उन्होंने अरूण खन्ना जी के पौष्टिक और हाईजेनिक शाकाहारी आहार के प्रमोशन की प्रशंसा ‌की। आहार मेला में प्रदर्शित खाद्य प्रसंस्करण ,हाॅस्पिटलिटी या अन्य इंडस्ट्री महिला उद्यमियों को सुनहरा अवसर प्रदान करता है।मंच संचालन करते हुए श्री उदय मन्ना‌‌ ने कहा कि आहार मेला सकारात्मक पत्रकारिता के लिए उपयुक्त जगह है जो अन्नदाता किसानों से भी जुड़ा है। उन्होंने कहा कि देवभूमि रसोई के पंकज अग्रवाल की अगुवाई में टीम आरजेएस प्रतिनिधि मंडल द्वारा फरवरी-मार्च में उत्तराखंड सप्ताह यात्रा व बैठकों में स्थानीय व्यंजनों की जोरदार वकालत की गई।

Posted By: