हरियाणा (गुरुग्राम) - विशेष संवाददाता, देश में अब बदलाव की बयार बह चली है, इससे खेती किसानी भी अछूते नहीं रह गए हैं, इसी कड़ी में छोटे किसान फिलहाल सामूहिक रूप से खेती कर रहे हैं यह देश में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव है यह कहना था नबार्ड के चेयरमैन जी आर चिंटाला का । श्री चिंटाला शनिवार को गुड़गांव ग्रामीण बैंक के पूर्व कर्मचारियों द्वारा आयोजित एक सम्मान समारोह में बोल रहे थे। श्री चिंटाला ने कहा कि कोविड काल में ग्रामीण क्षेत्र ने अर्थव्यवस्था को बेहतर तरीके से संभाला उस समय जब सब कुछ बंद था केवल कृषि क्षेत्र की गतिविधियां ही जारी थी जिनके कारण अर्थव्यवस्था को सबल मिला है। हालांकि दूसरी वेव में कोई विशेष फर्क नहीं पड़ा है। ग्रामीण बैंकों ने इस दौरान 15.5 लाख करोड़ के कर्ज बांटे हैं । श्री चिंटाला ने कहा कि एग्री इंफ्रा फण्ड और किसान क्रेडिट कार्ड से पशुपालन और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों में नबार्ड की कई सारी योजनाएं जारी हैं। इससे पहले गुड़गांव ग्रामीण बैंक के पूर्व कर्मचारियों की ओर से श्री चिंटाला का स्वागत करते हुए चीफ कोऑर्डिनेटर गुड़गांव ग्रामीण बैंक वर्कर्स ऑर्गेनाइजेशन एवं सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक ऑफिसर आर्गेनाईजेशन श्री मुकेश कुमार जोशी ने ग्रामीण बैंकों के विकास में दिए गए योगदान पर चर्चा की श्री जोशी ने कहा कि अपने पूरे कार्यकाल में श्री चिंटाला ने ग्रामीण बैंकों की दशा सुधारने और ग्रामीण बैंक के कर्मचारियों के को हितों में कई सारी योजनाओं को क्रियान्वित कराया। गौरतलब है कि श्री चिंटाला पूर्व में गुड़गांव ग्रामीण बैंक के निदेशक भी रहे हैं। इस मौके पर मुख्य रूप से दीपक शर्मा, आर एस यादव, एम एल अग्रवाल, कुलदीप शर्मा, ए एस यादव, वी के टुटेजा, उर्मिल मुंजाल, सतीश यादव, के बी चौधरी, रुषि पारिख और आशा शर्मा आदि मौजूद थे। मंच का कुशल संचालन पुनीत वर्मा ने किया। इस कार्यक्रम में नबार्ड की सीईओ दीपा गुहा भी मौजूद थीं।

Posted By: विशेष संवाददाता