नई दिल्ली- (फ़िल्मी संवाददाता) कई सालों पहले देशभर में जाट आरक्षण को लेकर उत्तर भारत में खूब बवाल मचा रहा, इसी के साथ साथ तमाम तरह के जाट समुदाय सहित अन्य वर्गों पर आरोप प्रत्यारोप लगाया गया साथ ही साथ कोर्ट में भी कई मामले दर्ज हुए, इसमें जो सबसे चर्चित मामला रहा ओ था मुरथल सामुहिक ब्लात्कार का मामला भी महीनों तक मीडिया की सुर्खियां बना रहा, इन्हीं सब जमीनी मुद्दों को लेकर अभिनेता-निर्देशक कुलदीप रुहिल अपनी आनेवाली फिल्म ‘चीर हरण’ के प्रमोशन के सिलसिले में दिल्ली पहुंचे। डिलाइट डायमंड सिनेमा में फिल्म का प्रमोशनल एवं प्रेस शो का आयोजन किया गया था। बता दें कि ‘चीर हरण’ में जाट आरक्षण के विरोध की पूरी कहानी और उस विरोध के दौरान छूट गईं कुछ अहम जानकारियों के बारे में बताया गया है। यह फिल्म 29 जनवरी को रिलीज़ होगी। मीडिया से बात करते हुए कुलदीप रुहिल ने कहा, ‘मैंने वर्ष 2016 में शुरू हुए जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान ही ‘चीर हरण’ बनाना शुरू किया था। उस वक्त मैंने पूरे हरियाणा का दौरा किया था तो पता चला था कि जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान की बहुत सारी अहम चीजें पूरी तरह से मीडिया समाचारों में नहीं दिखाई गईं। इसलिए मैंने उन समाचारों को दस्तावेज के तौर पर सहेजनस शुरू कर दिया, क्योंकि फिल्म ही वह एकमात्र माध्यम है जिसके जरिये मैं सच्चाई के साथ उन सारी बातों एवं घटनाओं को लोगों तक पहुंचा सकता था। उसके बाद डॉक्यूमेंट्री का रूप देते हुए इसे 37 दिनों में शूट किया। हम इसे अब सिनेमाघरों में रिलीज कर रहे हैं, क्योंकि अभी सिनेमा हॉलों में सिनेमा की कोई भीड़ नहीं है, फिल्मकारों को खाली सिनेमाघर मिलने की कोई जल्दबाजी नहीं है और लोग आसानी से टिकट खरीदकर इसे देख सकते हैं,बाकी फ़िल्म देखने के बाद आपको बहुत से अनछुवे पहलुओं की जानकारी हासिल होगी, इसके साथ ही फ़िल्म के जरिये समाज में आपसी भाईचारे को भी दर्शाया गया है।

Posted By: फ़िल्मी संवाददाता