*दिल्ली का अनुभव बताता है, होम आइसोलेशन प्रक्रिया और आँक्सीमीटर प्रणाली देश में कोरोना से होने वाली मौतों को रोकने का बेहतर तरीका- अरविंद केजरीवाल* *- आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं सीएम अरविंद केजरीवाल ने देश भर के पार्टी कार्यकर्ताओं को कोरोना के खिलाफ दिल्ली में लड़ी गई जंग के अनुभवों को साझा किया* *- गांवों में बढ़ रहे कोरोनों के केस चिंता का विषय है, गांवों में तीन स्तरीय रणनीति अपनाने की जरूरत है- अरविंद केजरीवाल* *- स्टेट अध्यक्ष को-आर्डिनेटर और जिलाध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्र के अधिक से अधिक गांवों में एक-एक ऑक्सीजन जांच केंद्र खोलें- अरविंद केजरीवाल* *- गांवों की जिम्मेदारी लेने के लिए लोग आगे आएं, ताकि उनके माध्यम से मरीजों तक आँक्सीमीटर पहुंचा कर उनकी जान बचाने में मदद की जा सकें- अरविंद केजरीवाल* *- सभी राज्य सरकारें अपने स्तर पर अच्छा काम कर रही हैं, पूरे समाज की जिम्मेदारी बनती है कि आगे आकर एक-दूसरे की जान बचाएं- अरविंद केजरीवाल* *- हमारे इस पूरे अभ्यास के पीछे का मकसद किसी सरकार की कमी निकालने का नहीं है, बल्कि हाथ बढ़ाने और हाथ बंटाने का है- अरविंद केजरीवाल* नई दिल्ली-अशोक धवन को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज पूरे देश के पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया। इस दौरान सीएम अरविंद केजरीवाल ने कोरोना के खिलाफ दिल्ली में लड़ी गई जंग के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि कोरोना से होने वाली मौतों को रोकने का सबसे बेहतरी तरीका है कि आपको अपने होम आइसोलेशन प्रक्रिया और आँक्सीमीटर प्रणाली को मजबूत करना होगा। सीएम अरविंद केजरीवाल ने देशभर के गांवों में बढ़ रहे कोरोनों के केस को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि गांवों में तीन स्तरीय रणनीति अपनाने की जरूरत है। इस दौरान उन्होंने देश भर के सभी आम आदमी पार्टी के सभी स्टेट अध्यक्षों, को-आर्डिनेटर्स और जिलाध्यक्षों को अधिक से अधिक गांवों में एक-एक ऑक्सीजन जांच केंद्र खोलने का निर्देश देते हुए गांवों की जिम्मेदारी लेने के लिए लोगों से आगे आने की अपील की, ताकि उनके माध्यम से कोरोना मरीजों तक ऑक्सीमीटर पहुंचाया लोगों की जान बचाई जा सके। सीएम अरविंद केजरीवाल ने स्पष्ट किया कि सभी राज्य सरकारें अपने-अपने स्तर पर अच्छा काम कर रही हैं। सरकारों के साथ ही पूरे समाज की भी जिम्मेदारी बनती है कि सभी आगे आकर एक-दूसरे की जान बचाएं। हमारा मकसद किसी की कमी निकालने का नहीं है, बल्कि हाथ बढ़ाने और हाथ बंटाने का है।  *जिन लोगों ने अपनी जान की बाजी लगाकर आजादी को सुरक्षित रखा है, हम उन्हें नमन करते हैं- अरविंद केजरीवाल* सीएम अरविंद केजरीवाल ने सभी कार्यकर्ता व समर्थकों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज के दिन हम भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरू, चंद्रशेखर आजाद, सुभाष चंद्र बोस, असफाक उल्ला खान आदि अपने शहीदों को याद करते हैं, जिन्होंने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। हम उनको याद करते हैं, जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी आजादी के लिए लड़ाई लड़ी। हम महात्मा गांधी, बाबा साहब अंबेडकर और सरदार पटेल आदि को याद करते हैं, जिन्होंने पूरी जिंदगी अपने देश को आजाद कराने के लिए तपस्या की। आजादी के बाद पिछले 73 साल में न जाने कितने सैनिक बाॅर्डर पर हमारे देश की आजादी को सुरक्षित रखने में शहीद हो गए। अभी कुछ दिन पहले ही भारत-चीन सीमा पर हमारे 20 सैनिक शहीद हो गए। हमे कई बार एहसास भी नहीं होता है, हम आजादी से घूम रहे होते हैं, अपने परिवार को पाल रहे होते हैं, अपनी नौकरी कर रहे होते हैं। हमें एहसास भी नहीं होता है कि हमारी इस आजादी की कीमत क्या है? कुछ लोगों ने अपनी जान की बाजी लगा कर इस आजादी को बरकरार रखा है। आज हम सब लोग उनको नमन करते हैं और उनका सम्मान करते हैं। *पूरे देश में कोरोना तेजी से फैल रहा, इसकी मुझे काफी चिंता हो रही- अरविंद केजरीवाल* मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज एक अहम चर्चा करने के लिए देश के सभी कार्यकर्ताओं के साथ यह बैठक रखी है। हमारा पूरा देश, पूरी दुनिया इस समय कोरोना की महामारी से जूझ रही है। दिल्ली में भी खूब कोरोना हो गया था। आज से दो माह पहले जून में इतना कोरोना था कि चारों तरफ डर का माहौल था। केस बढ़ रहे थे और अफरा-तफरी का माहौल था। लेकिन फिर हम सब लोगों ने सबको साथ लेकर कुछ ही दिनों के अंदर उस पर काबू पाया। मैं ऐसा नहीं कहूंगा कि हमने कोरोना की बाजी जीत ली है। अभी हमें काफी और आगे जाना है, लेकिन जो स्थिति दो महीने पहले थी, उससे कहीं ज्यादा आज स्थिति नियंत्रण में आ चुकी है। उसके लिए हम लोगों ने कई सारे कदम उठाए। प्लाज्मा बैंक बनाएं, होम आइसोलेशन किया, बेड बढ़ाए और काफी टेस्ट किए। आज पूरे देश में कोरोना बहुत तेजी से बढ़ता जा रहा है। इसकी मुझे काफी चिंता होती है। देश भर में प्रतिदिन 60 हजार से अधिक केस आते हैं और प्रतिदिन 800 से 1000 लोगों की मौत हो रही है। *हमने पिछले 70 वर्षों में अपने गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं अच्छी तरह से नहीं पहुंचाई- अरविंद केजरीवाल* मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सभी राज्य और केंद्र सरकार अपने-अपने तरीके से कोरोना से निपटने के लिए अच्छा काम कर रही हैं। कोरोना के बढ़ते केस बारे में मैने काफी सोचा। अभी तक जो कदम उठाए जा रहे हैं, वह अच्छे हैं, लेकिन अब जब कोरोना गांवों में फैल रहा है, तो यह चिंता का विषय है। क्योंकि हमने पिछले 70 साल के अंदर अपने गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं उतनी अच्छी तरह नहीं पहुंचाई हैं। गांवों में अस्पतालों और डाॅक्टर्स की कमी है। शहरों में फिर भी अस्पताल और डाॅक्टर मिल जाते हैं। लेकिन गांव-गांव में कोरोना फैल जाए, तो इसकी स्थिति बड़ी भयावह हो सकती है। मेरे मन में एक-दो सुझाव आ रहे थे, जिसे अगर कोई करना चाहे तो कर सकता है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के अंदर हमने होम आइसोलेशन किया, उससे हमें कई सारे सबक मिले। पहला सबक यह मिला कि अगर आज आपके 10 हजार मरीज हैं, तो उसमें एक हजार लोग गंभीर होते हैं। इस तरह, 9 हजार लोगों को हम होम आइसोलेशन में इलाज कर देते हैं। अगर सभी 10 हजार मरीजों को अस्पताल लेकर जाते हैं, तो हमें 10 हजार बेड की जरूरत पड़ती। जबकि इतने अस्पताल नहीं थे। अगर गंभीर रूप से बीमार एक हजार मरीजों को ही अस्पताल लेकर जाएंगे और 9 हजार लोगों का घर पर इलाज कर देते हैं, तो हमारे 9 हजार बेड बच गए। *हर गांव में ऑक्सीमीटर पहुंचाने व ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था करने से जानें बचाई जा सकती है- अरविंद केजरीवाल* सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर हम गांव में थ्री स्टेप स्ट्रेटेजी (तीन स्तरीय रणनीति) बनाएं। जिसमें पहला, हम होम आइसोलेशन को बहुत अच्छा बनाएं। होम आइसोलेशन का मतलब यह नहीं है कि आपको हल्का लक्षण या कोई लक्षण नहीं है, तो सरकार अपनी जिम्मेदारी से हाथ खींच लेगी, ऐसा नहीं है। होम आइसोलेशन के दो महत्वपूर्ण कंपोनेंट (अंग) होते हैं। होम आइसालेशन में आपका इलाज हो रहा है, लेकिन रोज सरकारी डाॅक्टर की टीम आपको सुबह-शाम फोन करती है और आपका हाल पूछती है। अगर आपको कोई दिक्कत है, तो आपको अस्पताल में शिफ्ट कर दिया जाता है। इसमें डाॅक्टर की टेली काउंसलिंग बहुत जरूरी होती है। दूसरा, जितने लोग होम आइसोलेशन में हैं, उन सभी को ऑक्सीमीटर दिया जाता है, ताकि वो अपनी आॅक्सीजन मापता रहे और यदि ऑक्सीजन कम हो जाए, तो उसे अस्पताल में शिफ्ट किया जा सके। यदि होम आइसोलेशन कर दिया जाए, तो जितने भी हल्के लक्षण या बिना लक्षण वाले मरीज हैं, उनका घर पर इलाज हो जाएगा। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यदि सरकारें हर गांव में ऑक्सीमीटर का इंतजाम कर दें और पंचायत घरों में दो-चार ऑक्सीजन के सिलेंडर भेज दे, तो जिन लोगों में ऑक्सीजन कम होगी, उन्हें वहीं पर ऑक्सीजन देकर उनकी जान बचाई जा सकती है, लेकिन फिर भी कोई मरीज गंभीर होता है, तो उसे शहर या जिले के अस्पताल में शिफ्ट किया जा सकता है। यह मेरा अपने अनुभव से सुझाव है। जरूरी नहीं है कि सभी इसे अपनाएं। सभी सरकारें अपने-अपने स्तर पर अच्छा काम कर रही हैं। मुझे उम्मीद है कि जल्द ही देश को कोरोना से मुक्ति मिलेगी। *कोरोना से निपटने के लिए समाज, सभी संस्थाओं और सरकारों को साथ आना पड़ेगा- अरविंद केजरीवाल* मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज सभी कार्यकर्ताओं से अपील करने के लिए यह संवाद रखा है कि सभी सरकारें अपना -अपना काम कर रही हैं, लेकिन समाज इस समय अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकता है। हम सब लोगों की भी जिम्मेदारी बनती कि आगे बढ़ कर इस महामारी के दौरान एक-दूसरे की जान बचाएं। जैसा कि मैने पहले भी कहा है कि कोई भी एक सरकार इस महामारी से अकेले नहीं निपट सकती है। इसमें सभी समाज, सभी संस्थाओं और सरकारों को भी साथ आना पड़ेगा। आज मेरी सभी आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों, डोनर और यदि आप आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता नहीं भी हैं, लेकिन देश व समाज के बारे में सोचते हैं, उन सभी लोगों से अपील है कि देश भर में ज्यादा से ज्यादा गांवों में एक-एक व्यक्ति को ऑक्सीमीटर देकर उस गांव की जिम्मेदारी दे दी जाए। यह पूरे समाज की तरफ से है। यह निजी प्रयास है। इसमें सरकारी हस्तक्षेप नहीं है। मान लीजिए एक गांव में एक व्यक्ति को ऑक्सीमीटर दे देते हैं और पूरे गांव में पर्चा बांट कर बता देते हैं कि यदि किसी को भी बुखार हो, किसी को भी सांस लेने में तकलीफ हो या खांसी हो, तो वह बता दे और वह व्यक्ति उसके घर ऑक्सीमीटर पहुंचा देगा। जिससे वो अपने ऑक्सीजन की जांच कर सकते हैं। उस व्यक्ति को अपने कोरोना की जांच तो करानी ही चाहिए। लेकिन जांच की सुविधा पहुंचने और रिपोर्ट आने में देर हो जाए, तो ऑक्सीमीटर से पता चल जाएगा कि उसमें ऑक्सीजन कम हो रही है, तो तुरंत उसको नजदीकी अस्पताल में ले जाकर उसकी जान बचाई जा सकती है। कोरोना में सबसे अधिक समस्या आॅक्सीजन की ही होती है। ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाता है और मरीज की मौत हो जाती है। अधिकांश केस में यही होता है। *गांवों में ऑक्सीजन जांच केंद्र संभालने के लिए लोगों को प्रशिक्षण देंगे- अरविंद केजरीवाल* सीएम अरविंद केजरीवाल ने लोगों से अपील है कि जो लोग ज्यादा से ज्यादा ऑक्सीमीटर डोनेट कर सकते हैं, वे आम आदमी पार्टी को ऑक्सीमीटर डोनेट करें और हम जिन गांवों में लोग जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार होंगे, उन गांवों में यह आॅक्सीमीटर पहुंचा देंगे। हम पूरे देश में ज्यादा से ज्यादा गांवों में एक-एक ऑक्सीजन जांच केंद्र बनाएंगे। ताकि यदि किसी की ऑक्सीजन कम हो जाए, तो ऑक्सीजन की जांच करके उसकी जान बचाई जा सके। इसके जरिए हमारा मकसद केवल लोगों की जान बचाना है। इसमें क्या-क्या हिदायतें बरतनी है, उसका हम प्रशिक्षण दे देंगे। जैसे- ऑक्सीमीटर को सैनिटाइज कैसे करना है? खुद को कैसे बचाना है? मास्क पहन कर कैसे जाना है? कहीं ऐसा न हो कि आप जांच करने जाएं और आपको ही कोरोना हो जाए। इसके लिए हम लोगों ने विशेषज्ञों के साथ बैठ कर प्लान बनाया है। उसे हम अलग से बता देंगे। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यदि आप ऑक्सीमीटर दान करना चाहते हैं, तो आप हमें बताइए और यदि आप किसी गांव में रहते हैं और अपने गांव की जिम्मेदारी लेना चाहते हैं, तो भी हमें बताइए। जितने भी आम आदमी पार्टी के स्टेट अध्यक्ष, को-आर्डिनेटर और जिलाध्यक्ष हैं, उन सभी को आज मैं जिम्मेदारी सौंप रहा हूं कि आप अधिक से अधिक गांवों में आॅक्सीजन जांच केंद्र खोलें और ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाने की कोशिश कीजिए। *मैं कल अपना जन्मदिन नहीं मना रहा, आप घर से ही आशीर्वाद व शुभकामनाएं भेजें- अरविंद केजरीवाल* मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कल मेरा जन्मदिन हैं, लेकिन मैं अपना जन्मदिन नहीं मना रहा हूं। कई लोग अपना आशीर्वाद और शुभकामनाएं देने के लिए घर पर आते हैं, तो आप सभी से विनती है कि कृपया मेरे घर नहीं आइएगा। आप इसका बुरा मत मानिएगा। आप अपने घर से मुझे आशीर्वाद और शुभकामनाएं भेज सकते हैं। मैं जन्मदिन नहीं मना रहा हूं। इसलिए आप लोगों को केक नहीं खिलाउंगा, लेकिन आप लोगों से मुझे गिफ्ट चाहिए और वह गिफ्ट यही है कि जो लोग जितने ऑक्सीमीटर आम आदमी पार्टी को दान कर सकते हैं, आप दान कीजिए। जो लोग अपने-अपने गांव की, काॅलोनी की जिम्मेदारी ले सकते हैं, आगे बढ़ कर जिम्मेदारी लीजिए और ऑक्सीजन जांच केंद्र अपने गांव व इलाके में शुरू कीजिए, ताकि लोगों की जांच बचाई जा सके। हमारे लिए एक-एक लोगों की जान कीमती है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि कुछ लोगों ने पहले ही ऑक्सीमीटर दान करने के लिए आगे बढ़कर आए हैं। इसमें अमृतसर से डाॅ. निज्झर 500 ऑक्सीमीटर दान कर रहे हैं। इसी तरह मीना और अजय मित्तल 500, बैंगलूरू से मोहन दसारी 250 और लखनउ के वैभव महेश्वरी 300 ऑक्सीमीटर दान दे रहे हैं। इसके अलावा भी बहुत से लोग ऑक्सीमीटर दान करने के लिए आगे आए हैं। जैसा मैने कहा है कि सभी सरकारें बहुत अच्छा काम कर रही हैं और सभी सरकारें अपनी पूरी कोशिश कर रही हैं। हमारे इस पूरे अभ्यास के पीछे मकसद किसी भी कमी निकालने का नहीं है, हमारा सिर्फ मकसद हाथ बढ़ाने और हाथ बंटाने का है। हम सब लोग मिल कर यह कोशिश करें कि हमारे देश वासियों की अधिक से अधिक जान बचाई जा सके।

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